राजस्थान की गर्मी के बाद मानसून राहत लाता है, पर साथ में नई मुश्किलें भी: पानी भरना, फफूँद के धब्बे, गलते तने, मच्छर, खरपतवार और अचानक कीटों का हमला। अच्छा मानसून रूटीन ज़्यादा पानी देने का नहीं, बल्कि ड्रेनेज, हवा के बहाव और बचाव का होता है।
सबसे पहले ड्रेनेज जाँचें
हर गमले और ग्रो बैग से पानी आराम से निकलना चाहिए। कंटेनरों को पॉट फ़ीट, ईंटों या स्टैंड पर थोड़ा ऊपर उठाकर रखें, ताकि नीचे पानी जमा न हो। अगर सॉसर में थोड़ी देर से ज़्यादा पानी रुका रहे तो उसे खाली कर दें। जड़ों को पानी के साथ हवा भी चाहिए; मिक्स गीला रहे तो जड़ें कमज़ोर होती हैं और बीमारी तेज़ी से फैलती है।
पानी तभी दें जब मिट्टी माँगे
बारिश के मौसम में ऊपर की सतह सूखी दिख सकती है जबकि नीचे जड़ों के पास अब भी नमी होती है। पानी देने से पहले उँगली मिक्स में डालकर देखें। अगर नीचे नमी लगे, तो रुकें। बालकनी और टैरेस गार्डन में मानसून की सबसे आम गलती ज़्यादा पानी देना ही है।
हवा के बहाव के लिए छँटाई करें
सूखे पत्ते, भीड़ वाली अंदरूनी टहनियाँ और पुराने फूल हटा दें। इससे पौधे साफ़ रहते हैं और बारिश के बाद पत्ते जल्दी सूखते हैं। गुलाब, चमेली, गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे फूल वाले पौधों में बहुत गीले मौसम में कड़ी छँटाई के बजाय हल्की सफ़ाई बेहतर है।
फफूँद फैलने से पहले रोकें
काले धब्बे, सफ़ेद पाउडर जैसी परत, गलते तने और भूरे निशान वाली पीली पत्तियाँ देखें। प्रभावित पत्ते तोड़कर गमले में न छोड़ें। जहाँ तक हो पत्तों को सूखा रखें, पौधों के बीच जगह बढ़ाएँ और शुरुआती लक्षण दिखते ही उचित प्लांट-प्रोटेक्शन प्रोडक्ट इस्तेमाल करें।
कीटों के अचानक हमले पर नज़र रखें
मानसून की नई बढ़त नरम होती है, जो एफिड, मीलीबग, माइट्स, इल्लियों और फ्रूट फ़्लाई को खींचती है। हर कुछ दिनों में पत्तों के नीचे की तरफ़ देखें। शुरू में कीट रोकना, बुरी तरह प्रभावित पौधे को बाद में बचाने से कहीं आसान है।
मानसून चेकलिस्ट
- हर गमले के ड्रेनेज होल साफ़ रखें।
- गमलों को फ़र्श से ऊपर उठाकर रखें।
- गिरे हुए पत्ते और गीला कचरा हटा दें।
- हवा के बहाव के लिए पौधों के बीच जगह रखें।
- लंबे गीले मौसम में भारी खाद देना टाल दें।
- नीम ऑयल या दूसरे प्रोटेक्शन स्प्रे तभी इस्तेमाल करें जब मौसम पत्तों को सूखने दे।
Vedo Horticare के काम के लिंक
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मानसून में पानी देना बिल्कुल बंद कर दें?
पूरी तरह नहीं। मिट्टी जाँचने के बाद ही पानी दें। ढकी हुई बालकनी में अब भी नियमित पानी की ज़रूरत हो सकती है, जबकि खुले टैरेस पर बारिश काफ़ी हो सकती है।
बारिश के बाद पत्ते पीले क्यों हो रहे हैं?
आम कारण हैं: जड़ों में पानी भरना, कम धूप, पोषक तत्वों का बह जाना या फफूँद का तनाव। शुरुआत ड्रेनेज सुधारने और खराब पत्ते हटाने से करें।
क्या मानसून में खाद दे सकते हैं?
हाँ, पर हल्की। कम्पोस्ट या संतुलित फ़ीड थोड़ी मात्रा में दें, और जो पौधे पहले से पानी में डूबे या बीमार हों उन्हें खाद न दें।
